Saturday, December 26, 2009

कैसे तृप्त होती होगी !

प्रेषक : संजय शर्मा
आदरणीय पाठको !
मेरी कहानी "फिर दूसरी से कर लेना" अन्तर्वासना पर आ चुकी है ! शायद आप लोगों को अच्छी लगी होगी ! मैं आप लोगों से क्षमा चाहता हूँ क्योंकि मेरा इमेल आईडी गलत लिखा गया ! मेरा सही इमेल कहानी के अन्त में है !
हाँ आगे की घटना इस प्रकार है :
जब तक बड़ी बहन की शादी नहीं हो गई हम चारों रोज ही चुदाई और लंड चुसाई का मजा लूटते रहे ! बाद में जब एक बहन की शादी हो गई तो हम तीनों यानि भैया, मेरी बहन और मैं लगभग रोज ही चुदाई करते रहे ! चूंकि मेरा लंड भैया से बड़ा और मोटा था तो मेरी बहन मुझसे चुदाना पसंद करती थी ! लेकिन भैया को भी चोदने देना पड़ता था ! मज़बूरी भी थी और वो पहले से ही उसको चोदता था !
इस बीच जब भी ताउजी की लड़की से जब भी फ़ोन पर बात होती थी तो कहती- संजय तेरी बहुत याद आती है !
मैंने कहा- आ जाओ ना !
उसने कहा- आने का तो बहुत मन है ! तेरा लंड चूसने और तुझसे चुदवाने का बहुत मन करता है !
मैंने पूछा- क्या जीजा जी नहीं चोदते ?
तो उसने रोते हुए कहा- उनका लंड छोटा भी है और तेरे जैसा ज्यादा मजा भी नहीं देते !
मैंने कहा- मैं ही आ जाता हूँ !
उसने कहा- जल्दी से आ जाओ !
उसके बाद मैंने उसकी ससुराल जाने के लिए किसी तरह अपने घर वालों को राजी किया और उसके यहाँ पहुँच गया !
वहां पहुँचते ही उसने मुझे गले लगा लिया और मुझसे बुरी तरह से लिपट गई और मुझे चूमने लगी !
मैंने उससे पूछा- घर में कोई नहीं है क्या ?
तो उसने कहा- माँ, बाबूजी और तेरे जीजा काम पर गए हैं, शाम को ही आएंगे !
तो मैंने उससे एक बार चुदाई करने को कहा क्योंकि मैं तो उसको चोदने को मरा जा रहा था !
उसने कहा- भैया जल्दी से चोद लो ! मैं भी तो मरी जा रही हूँ चुदवाने के लिए ! लेकिन जरा जल्दी करना, क्योंकि मेरी ननद कालेज से आने ही वाली होगी !
मैंने कहा- कोई बात नहीं ! उस साली को भी चोद देंगे !
उसके बाद हम दोनों जल्दी जल्दी नंगे हो गए ! और वो मेरा लंड बहुत मस्ती से चूसने लगी ! मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाला और उसकी चूत में ठोक दिया !
एक बार जल्दी से चोद कर मैं नहाने चला गया !
जब नहा कर वापिस आया तो देखा कि एक १९ साल की बला की खूबसूरत लड़की बैठी हुई टीवी देख रही है !
उसको दीदी की शादी में देखा था, पर अब कुछ ही महीनों में साली गजब की लग रही थी ! मेरी तो हालत ख़राब हुई जा रही थी !
मेरा लंड पैंट में खड़ा हुआ जा रहा था !
इतने में दीदी आ गई और मेरा उससे परिचय कराया तो उसने कहा- मैं पहले से ही जानती हूँ !
मैंने उसको आँख मार दी, उसने कुछ नहीं कहा, केवल मुस्करा दी !
मैंने सोचा कि लगता है जल्दी ही काबू में आ जायेगी !
बाद में दीदी के सास ससुर और मेरे जीजा भी आ गए ! मैंने सब को प्रणाम किया ! सब खुश हो गए !!
रात में खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे !
दीदी के सास ससुर एक कमरे में, दीदी जीजाजी दूसरे कमरे में चले गए ! दीदी की ननद (गुड़िया) और मैं, हम हॉल में बैठ कर टीवी देखने लगे !
मैंने लुंगी और बनियान और गुड़िया ने नाईटी पहनी हुई थी ! गुड़िया तो टीवी देख रही थी पर मेरी नजर गुड़िया के वक्ष पर ही लगी थी !
उसने कहा- संजय, क्या देख रहे हो !
मैंने कहा- कुछ नहीं !
पर मेरी नजर तो उसके स्तनों से हट ही नहीं रही थी ! क्या मस्त चुचे थे ! मन किया कि अभी दबा दूँ जोर से ! पर आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई ! खैर हम दोनों बैठे बैठे टीवी देखते रहे !
इतने में टीवी पर एक लव सीन आ गया ! जिसको देखते हुए वो मेरी तरफ भी देखने लगी ! मैं समझ गया कि साली तैयार है ! पर उसको छूने की हिम्मत नहीं हो रही थी !
मैं किसी तरह मन दबा कर बैठा था कि इतने में वो एक हल्की सी चीख मार कर मुझ से लिपट गई ! मेरी तो लाटरी ही जैसे निकल गई !
मैंने उसको अपने से चिपकाये पूछा कि क्या हुआ !
उसने कहा- देखो, वहाँ कोकरोच है और मुझे बहुत डर लगता है !
मैंने उसको अपने से चिपटाए रखा लेकिन कोकोरोच भगाने की कोई कोशिश नहीं की !
फिर मैंने धीरे धीरे अपने हाथ से उसकी चुचियों को सहलाने लगा। उसने कोई विरोध नहीं किया तो मैं कुछ जोर से दबाने लगा ! वो सिसकारियाँ भरने लगी और जोर जोर से मुझ से लिपटने लगी ! मैं खुश हो गया और उसकी चूची निकल कर चूसने लगा ! वो भी पूरा सहयोग देने लगी !
मैं उसकी नाइटी उतार कर उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा ! वो पूरी मस्ती में आ गई और मेरा लंड हाथ में लेकर सहलाने लगी !
मुझे बहुत ही मजा आ रहा था !
मैंने कहा- मैं तुझे चोदना चाहता हूँ !
उसने कहा- मैं भी कब से चुदवाने को मरी जा रही हूँ !
मैंने कहा- मेरा लंड चूसो !
वो एक दम तैयार हो गई और मेरा लंड चूसने लगी मैं भी उसकी चूत चूसने लगा ! हम दोनों को काफी मजा आ रहा था।
कुछ देर बाद वो बोली- संजय, अब बर्दाश्त नहीं होता ! एक बार जल्दी से चोद दो !
मैं भी वही चाहता था ! करीब १५-२० मिनटों तक मैं उसको चोदता रहा ! वह बार बार कहती रही कि जोर जोर से चोदो ! आज मैं बहुत दिनों बाद चुदवा रही हूँ !
मैं उसको जोर जोर से चोदने लगा !
वो- आ आ इ इ इ संजय बहुत मजा आ रहा है ! जल्दी से अपने कामरस से मुझे भर दो !
मैंने पूछा- चूत में डालूं या मुँह में लोगी?
उसने कहा- पहले चूत में भर दो, मुँह में तो बाद में ले लूँगी ! तेरे रस का स्वाद तो चखना ही है !
मैंने जल्दी से उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया !
अब हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर लेट गए और बातें करने लगे !
मैंने पूछा- पहले किस से चुदवाया है?
उसने नहीं बताया पर कुछ जोर देने पर कहने लगी- तुमको भी अपनी सारी बात बतानी पड़ेगी !
मैंने कहा- ठीक है ! पहले अपनी बताओ, फिर मैं भी बता दूंगा !
उसने कहा- भैया शादी के पहले मुझको चोदते थे ! पर शादी के बाद भाभी के डर से खुलकर नहीं चोद पाते !
इसी तरह बातें करते करते मैं उसके स्तनों और चूत और वो मेरे लंड से खेलती रही।
कहने लगी- तेरा लंड तो बहुत मस्त है ! भैया का तो छोटा और पतला है ! आज जितना मजा पहले भैया से चुदवा कर कभी नहीं आया ! फिर वो कहने लगी कि अब अपनी बताओ !
पहले तो मैंने टालने की कोशिश की लेकिन वो नहीं मानी तो बताना पड़ा- सबसे पहले मैंने तुम्हारी भाभी यानि दीदी को चोदा है !
उसने कहा- ना जाने अब भाभी की क्या हालत हो रही होगी ! इतने शानदार लंड से चुदवाकर अब एक मरियल से लंड से कैसे तृप्त होती होगी !
मैंने कहा- कल कोलेज मत जाओ ! हम तीनो मस्ती करेंगे !
वो ख़ुशी ख़ुशी राजी हो गई !
फिर हम दोनों ने एक बार बहुत मस्ती से चुदाई की और वो मेरे लंड को मुँह में लेकर सो गई !
कुछ देर बाद वो उठ कर अपने कमरे में चली गई और मैं वहीं सोफे पर सो गया !
घटना बहुत लम्बी है तो आगे का अंश बाद में!
कृपया अपने अपने विचार मुझे इ-मेल करें, जिससे मैं अपनी कहानियों को और रूचिकर बना सकूँ !

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